India Defence News 2026 भारत की सैन्य शक्ति के लिए एक बड़े मोड़ की तरह सामने आ रहा है। 1 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय के लिए ₹7.85 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। यह पिछले साल के मुकाबले 15.19% की बढ़ोतरी है और सीधे तौर पर भारत की बदलती सुरक्षा रणनीति को दिखाता है।
यह बजट ऐसे समय आया है जब Operation Sindoor की सफलता के बाद भारत की सैन्य क्षमताओं पर दुनिया की नजर है। सरकार का साफ संदेश है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और सेनाओं को हर स्तर पर मजबूत किया जाएगा।
इसी कड़ी में फरवरी के अंत में पाकिस्तान बॉर्डर पर Vayu Shakti 2026 एयर एक्सरसाइज होने जा रही है, जबकि विशाखापत्तनम में International Fleet Review के दौरान पूरी दुनिया भारतीय नौसेना की ताकत देखेगी। 2026 वह साल बनता दिख रहा है जब भारत जमीन, आसमान और समंदर तीनों मोर्चों पर अपनी शक्ति का स्पष्ट प्रदर्शन करेगा।
रिकॉर्ड डिफेंस बजट ₹7.85 लाख करोड़ क्या है इसकी अहमियत
₹7.85 लाख करोड़ का यह रक्षा बजट कुल राष्ट्रीय बजट का 14.67% है, जो सभी मंत्रालयों में सबसे बड़ा हिस्सा है। वित्त वर्ष 2026-27 में यह राशि भारत के अनुमानित GDP का करीब 2% है।
अगर पिछले वर्षों से तुलना करें तो 2013-14 में रक्षा बजट ₹2.53 लाख करोड़ था, जो अब लगभग तीन गुना हो चुका है। यह दिखाता है कि भारत ने बीते एक दशक में अपनी रक्षा जरूरतों को कितनी गंभीरता से लिया है।
कैपिटल एक्सपेंडिचर पर बड़ा जोर
इस बजट में नई हथियार प्रणालियों, विमानों और युद्धपोतों की खरीद के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर को खास प्राथमिकता दी गई है। कैपिटल एक्सपेंडिचर का आवंटन बढ़कर ₹2.19 लाख करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹1.8 लाख करोड़ था।
सरकार का साफ संदेश है कि आने वाले समय में सेनाओं को आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म से लैस किया जाएगा।
आत्मनिर्भर भारत 75% बजट देसी उद्योगों के लिए
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर खास फोकस रखा गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में घरेलू रक्षा उद्योगों से खरीद के लिए ₹1.39 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।
कैपिटल अधिग्रहण बजट का करीब 75% हिस्सा भारतीय कंपनियों के लिए आरक्षित है। इससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम होगी और देश की अपनी रक्षा कंपनियों को मजबूती मिलेगी।
DRDO बजट में बढ़ोतरी, नई तकनीकों पर काम तेज
रक्षा अनुसंधान और विकास के लिए DRDO को ₹291 बिलियन का बजट दिया गया है, जो पिछले साल ₹268 बिलियन था। इसमें से ₹172 बिलियन कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए तय किए गए हैं।
इस बढ़े हुए बजट से आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और नई पीढ़ी की रक्षा प्रणालियों पर काम तेज होने की उम्मीद है।
Vayu Shakti 2026 पाकिस्तान बॉर्डर पर शक्ति प्रदर्शन
भारतीय वायु सेना 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर में Vayu Shakti 2026 एयर एक्सरसाइज का आयोजन करेगी। यह अभ्यास पाकिस्तान बॉर्डर के पास होगा और इसे Operation Sindoor के अनुभवों के आधार पर तैयार किया गया है।
इस अभ्यास में Rafale, Sukhoi-30, Tejas, MiG-29, Jaguar, Mirage-2000 और Hawk जैसे विमान अपनी सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। पाकिस्तान को इस अभ्यास की सूचना पहले ही दी जा चुकी है और NOTAM जारी किया गया है।
करीब 40 मित्र देशों के दूतावासों के अधिकारी भी इस अभ्यास को देखने पहुंच सकते हैं, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी अहम हो जाता है।
विशाखापत्तनम में नौसेना की ताकत
19 फरवरी से विशाखापत्तनम एक बार फिर वैश्विक समुद्री गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। International Fleet Review के दौरान दुनिया भर की नौसेनाएं भारतीय नौसेना की क्षमता और संचालन कौशल को देख पाएंगी।
यह आयोजन 15 से 25 फरवरी तक चलने वाले Exercise MILAN और Indian Ocean Naval Symposium के साथ जुड़ा होगा। पहली बार तीन बड़े समुद्री कार्यक्रम एक ही स्थान पर आयोजित हो रहे हैं।
स्वदेशी युद्धपोत आत्मनिर्भर भारत की पहचान
INS Vikrant जैसे स्वदेशी युद्धपोत भारत की समुद्री ताकत का बड़ा उदाहरण हैं। इसके साथ ही Visakhapatnam-class डिस्ट्रॉयर्स और Nilgiri-class फ्रिगेट्स भारतीय नौसेना की क्षमताओं को और मजबूत बना रहे हैं।
ये सभी प्लेटफॉर्म भारत में ही बनाए गए हैं, जो आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतारते हैं।
Tejas के लिए GE इंजन डिलीवरी से राहत
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, GE Aerospace ने भारत को छह F404 इंजन की सफल डिलीवरी कर दी है। इससे Tejas Mk1A कार्यक्रम को बड़ी राहत मिली है।
अब इंजन की कमी की समस्या कम होगी और वायु सेना को समय पर विमान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे Tejas के निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।
Gaganyaan Mission 2027 में भारत का बड़ा लक्ष्य
ISRO अपने Gaganyaan मिशन की तैयारी में जुटा है, जिसका लक्ष्य 2027 तक भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान को पूरा करना है। इससे पहले तीन मानवरहित मिशन किए जाएंगे।
अगर यह मिशन सफल होता है, तो भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने अपने अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में भेजे हैं।
India Defence News 2026 शक्ति और आत्मविश्वास का साल
2026 भारत की रक्षा तैयारियों के लिए बेहद अहम साल बनकर उभर रहा है। रिकॉर्ड डिफेंस बजट, स्वदेशी उत्पादन पर जोर, Vayu Shakti 2026, International Fleet Review और Gaganyaan जैसे कार्यक्रम साफ दिखाते हैं कि भारत अब हर मोर्चे पर मजबूत स्थिति में है।
यह साल भारत की सीमाओं, समुद्र और आसमान में उसकी बढ़ती ताकत का प्रतीक है और पूरी दुनिया इसे ध्यान से देख रही है।



