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Lokesh Machines को मिला Assam Rifles का बड़ा ऑर्डर, 1,013 ASMI Carbines की सप्लाई करेगी कंपनी

Lokesh Machines को Assam Rifles से 1,013 ASMI Carbines की सप्लाई का अहम कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह डील भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा

By: Defence Pulse Desk

Published on: February 13, 2026. 12:19 pm

Lokesh Machines को Assam Rifles से 1,013 ASMI Carbines की सप्लाई का अहम कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह डील भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल एक हथियार खरीद नहीं है, बल्कि स्वदेशी हथियार निर्माण को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता का सबूत है।

Assam Rifles जैसी अर्धसैनिक बल को ASMI Carbines जैसे आधुनिक हथियार मिलने से उत्तर-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। सूत्रों का कहना है कि Lokesh Machines का यह कॉन्ट्रैक्ट भारतीय निजी रक्षा उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

ASMI Carbine क्या है और इसकी खासियत क्या है?

ASMI (Advanced Sub Machine gun Indigenous) एक स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित कार्बाइन है। इसे DRDO के साथ मिलकर विकसित किया गया है और यह 9mm राउंड फायर करता है। ASMI Carbine की सबसे बड़ी खासियत इसका हल्का वजन और कॉम्पैक्ट डिजाइन है।

यह हथियार खासतौर पर क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है। Assam Rifles जैसी फोर्स के लिए जो अक्सर घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में काम करती है, ASMI Carbines एकदम सही विकल्प साबित हो सकती है।

इसमें मॉडर्न फायरिंग मैकेनिज्म और बेहतर एक्यूरेसी है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरी तरह से भारत में बनी है, जो मेक इन इंडिया को नई गति देता है।

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Lokesh Machines कौन है और यह कॉन्ट्रैक्ट क्यों खास है?

Lokesh Machines एक भारतीय निजी रक्षा निर्माता कंपनी है जो छोटे हथियारों के उत्पादन में माहिर है। 1,013 ASMI Carbines का यह ऑर्डर कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि भारत सरकार अब स्वदेशी निजी कंपनियों पर भी भरोसा कर रही है।

पहले रक्षा उत्पादन में सरकारी कंपनियों जैसे OFB (Ordnance Factory Board) का दबदबा था। लेकिन अब निजी क्षेत्र को भी मौके मिल रहे हैं। Lokesh Machines का यह कॉन्ट्रैक्ट इस बात का सबूत है कि भारतीय प्राइवेट सेक्टर गुणवत्तापूर्ण रक्षा उपकरण बना सकता है।

इस डील से न केवल Lokesh Machines की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि अन्य छोटी-मध्यम कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। रक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से गुणवत्ता में सुधार और कीमतों में कमी की उम्मीद है।

Assam Rifles के लिए ASMI Carbines का महत्व

Assam Rifles भारत की सबसे पुरानी अर्धसैनिक बल है और इसे “उत्तर-पूर्व का प्रहरी” कहा जाता है। यह बल अक्सर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करती है। म्यांमार बॉर्डर, घने जंगल और पहाड़ी इलाकों में इनकी तैनाती रहती है।

ऐसे क्षेत्रों में हल्के और तेज़ फायरिंग वाले हथियार की जरूरत होती है। 1,013 ASMI Carbines मिलने से जवानों की युद्ध क्षमता में इजाफा होगा। यह हथियार काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन, एंटी-ड्रग ऑपरेशन और सीमा गश्त में बेहद कारगर साबित हो सकता है।

Assam Rifles को पहले से ही विभिन्न तरह के हथियार मिलते रहे हैं, लेकिन स्वदेशी ASMI Carbines का आना एक नया अध्याय है। इससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम होगी और रखरखाव भी आसान होगा।

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आत्मनिर्भर भारत और रक्षा उद्योग में नया दौर

Lokesh Machines को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता की कहानी है। पहले छोटे हथियार भी विदेशों से मंगाए जाते थे, लेकिन अब भारत खुद डिजाइन, विकास और उत्पादन कर रहा है।

ASMI Carbines जैसे स्वदेशी हथियारों से न केवल पैसा बचता है, बल्कि तकनीकी ज्ञान भी देश में रहता है। इससे भविष्य में और बेहतर हथियार बनाने की नींव मजबूत होती है। निजी कंपनियों को ऐसे अवसर मिलने से रोजगार भी बढ़ता है और इंडस्ट्री में इनोवेशन को गति मिलती है।

सरकार ने रक्षा उत्पादन में FDI की सीमा बढ़ाई है और निजी क्षेत्र के लिए नीतियां आसान बनाई हैं। Lokesh Machines जैसी कंपनियों की सफलता दूसरों के लिए प्रेरणा बनेगी। अगर यही रफ्तार जारी रही, तो भारत अगले कुछ सालों में छोटे हथियारों का निर्यात भी कर सकता है।

भविष्य में और क्या संभव है?

1,013 ASMI Carbines की डिलीवरी के बाद, Lokesh Machines को और भी बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं। अगर Assam Rifles में यह हथियार सफल रहता है, तो CRPF, BSF और अन्य अर्धसैनिक बलों में भी इसकी मांग बढ़ सकती है।

इसके अलावा, ASMI Carbines को निर्यात के लिए भी तैयार किया जा सकता है। कई दक्षिण एशियाई और अफ्रीकी देश सस्ते और भरोसेमंद हथियारों की तलाश में रहते हैं। भारत अगर गुणवत्ता बनाए रखता है, तो वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकता है।

Lokesh Machines को मिला यह कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ एक बिजनेस डील नहीं है, बल्कि भारत के रक्षा उद्योग में आत्मविश्वास और क्षमता का प्रतीक है। आने वाले समय में ऐसी और कहानियां सामने आएंगी, जो मेक इन इंडिया को वैश्विक मंच पर स्थापित करेंगी।

Defence Pulse Desk

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